Shree Hari Satsang Samiti

विचार संगोष्ठी

विचार संगोष्ठी

श्रीहरि सत्संग समिति की संगोष्ठी 4 जून 2016 को राँची के पिनाकल होटल में संध्या 6:30 बजे माँ भारती एवं प्रभु राम के श्री चरणों में दीप प्रज्ज्वलित कर श्रीमती सीमा चितलांगिया जी की अध्यक्षता में हुई, जिसमे मुख्य अतिथि श्रीहरि सत्संग समिति के राष्ट्रीय महामंत्री मा० गोपाल जी कन्दोई ने बताया, श्रीहरि सत्संग समिति का कार्य श्रीराम जी का कार्य है जिस प्रकार भगवान राम जी अयोध्या में जन्म लेकर भी चैदह वर्षों तक वनवासियांे के बीच रहे और सब को गले लगाया। इसी कार्य में श्रीहरि सत्संग समिति वनवासियांे के उत्थान के लिए सतत् प्रयत्नशील है। आज पूरे देश में बहुत से हमारे संगठन हैं, मुम्बई में ऐसे नौ संगठन खुले हंै जहाँ प्रत्येक माह एवं साप्ताहिक मिलन कार्यक्रम द्वारा लोगों को हम जोड़ते हंै। मा० कन्दोई जी ने राँची में संगठन की सक्रियता के लिए प्रार्थना की संगोष्ठी में राँची महानगर के 80 ऐसे प्रबुद्ध जनों नें भाग लिया जिसमें श्रीहरि सत्संग समिति के प्रदेय संरक्षक, श्री ज्ञान प्रकाश जालान, अध्यक्ष श्री तुलस्यान, मंत्री श्री भगवान दास काबरा, उपाध्यक्ष श्री बासुदेव माला जी एवं एकल अभियान के अध्यक्ष श्रीमती उषा जालान, श्री अरुण खेमका आदि महानुभवांे ने भाग लिया। एकल अभियान के संस्थापक सदस्य मा० श्याम जी गुप्त ने श्रीहरि सत्संग समिति का जन्म विस्तार से बताया एवं श्रीहरि के कार्य की महत्ता पर प्रकाश डाला। मा० श्याम जी कहते हंै – किसी व्यक्ति व समाज के सर्वांगीण विकास के लिए भौतिक उन्नति के साथ-साथ नैतिक उन्नति के लिए संस्कार शिक्षा अपरिहार्य है। संस्कार शिक्षा के द्वारा ही समाज परिवर्तन हो सकता है, बाकी एकल अभियान के चार शिक्षा स्तम्भ तो सेवा कार्य के लिए हंै। सेवा स्वार्थ जगाता है और संस्कार त्याग, इसलिए श्रीहरि का बहुत बड़ा दायित्व है जो राष्ट्र निर्माण में सतत् अग्रसर है।

आज की इस संगोष्ठी की अध्यक्षा श्रीमती सीमा चितलांगिया जी ने की। उन्होनें श्रीहरि के कार्यांे को विस्तार से समझाया कि आज जो शिक्षा की स्थिति हुई है उससे समाज और राष्ट्र का निर्माण नहीं हो सकता। हम बच्चों को पढ़ाई केवल डिग्री एवं नौकरी में पद प्रतिष्ठार्थ ही कराते हंै, पर आज श्रीहरि जो वंचित वनवासी गाँव से लेकर नगर महानगरों तक शिक्षा के साथ-साथ संस्कार देने का काम कर रही है इससे अच्छा और कोई काम हो ही नही सकता।

श्रीहरि सत्संग समिति झारखण्ड के संरक्षक श्री ज्ञान प्रकाश जालान जी ने यह घोषणा की, कि हम लोग अब राँची संगठन को भी आगे बढ़ायेंगे, हम लोगों का स्वयं का अनुभव है कि जो समाज में मान्यतायें थी वह धीरे-धीरे अब बदल रहीं हंै और समाज परिवर्तन, समरसता, व्यसन मुक्ति, तथा सुरक्षा की दिशा में आगे बढ़ रहा है। श्रीहरि सत्संग समिति के प्रदेश अध्यक्ष श्री संतोष तुलस्यान ने भी कहा कि वर्तमान समय में सत्संग ही एक कार्य है जिसके द्वारा हम समाज परिवर्तन द्वारा राष्ट्र को मजबूत बना सकते हैं। श्री बासुदेव माला जी ने उपस्थित महानुभावों का आभार व्यक्त किया एवं दूसरे दिन ही 05.06.2016 को श्री सतीश जी के आवास में एक बैठक बुलाई गई एवं श्री हरि सत्संग समिति का सदस्यता संग्रह दो लाख रुपये हो गया एवं आगे इसके विस्तार हेतु संकल्प लिया गया जिसमंे श्री गोपाल जी कन्दोई एवं मा० श्याम जी भी उपस्थित थे। आगे N-E-C की बैठक आगामी आगरा में राँची से चार सक्रिय समिति सदस्य पहुँचेंगे।

कुबेर सिंह सूर्यवंशी
एकल मीडिया प्रमुख, राँची झारखण्ड